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दुकानदारों के लिए UPI चार्ज (MDR) 2026: कितना कटेगा, किसे छूट और कब से लागू

दुकानदारों के लिए UPI चार्ज (MDR) 2026: कितना कटेगा, किसे छूट और कब से लागू
संक्षेप में

NPCI के सर्कुलर OC-237 (15 सितंबर 2026) के अनुसार दुकान या कारोबार को मिलने वाले ₹2,000 से ज़्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4% MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लगेगा, जो ₹75,000 और उससे बड़े पेमेंट पर अधिकतम ₹300 होगा। रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और पेट्रोल-डीज़ल पर ₹2,000 से ऊपर हर पेमेंट पर सिर्फ़ ₹5 और शेयर बाज़ार व म्यूचुअल फ़ंड पेमेंट पर 0.02% लगेगा। ₹2,000 तक के पेमेंट पर कोई MDR नहीं है, UPI QR से महीने में ₹1 लाख तक पाने वाले छोटे दुकानदारों (P2PM) को पूरी छूट है, और क्रेडिट कार्ड या क्रेडिट लाइन वाला UPI इस नियम से बाहर है। यह 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना था, लेकिन NPCI ने इसे दिवाली के बाद तक टाल दिया है। 20 अक्टूबर 2026 तक नई तारीख घोषित नहीं हुई है।

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अभी क्या स्थिति है (20 अक्टूबर 2026)

NPCI ने 15 सितंबर 2026 को सर्कुलर NPCI/UPI/OC-237/2026-27 जारी किया, जिसमें 15 अक्टूबर 2026 से UPI पर MDR लागू करने की बात थी। यह सर्कुलर सिर्फ़ बैंकों और पेमेंट कंपनियों को दिया जाता है, इसलिए NPCI ने आम लोगों के लिए अंग्रेज़ी और हिंदी में सवाल-जवाब (FAQ) भी जारी किए।

13 अक्टूबर 2026 को NPCI की UPI एंड सर्विसेज़ स्टीयरिंग कमेटी ने त्योहारों को देखते हुए फ़ैसला किया कि MDR दिवाली के तुरंत बाद लागू होगा और इसकी तारीख अलग से बताई जाएगी। 15 अक्टूबर 2026 को अपडेट हुए NPCI के FAQ में भी यही लिखा है। हमने 20 अक्टूबर 2026 को NPCI के सर्कुलर और प्रेस रिलीज़ दोबारा जाँचे, नई तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

इंटरनेट पर कई लेख अब भी लिखते हैं कि यह चार्ज 15 अक्टूबर से लागू हो गया है। यह सही नहीं है। जब तक NPCI तारीख घोषित न करे और आपका बैंक या पेमेंट कंपनी इसकी पुष्टि न करे, तब तक 0.4% या ₹5 वाला नया चार्ज नहीं कट रहा है। तारीख आते ही हम यह पेज अपडेट करेंगे।

UPI MDR की दरें एक नज़र में

  • ₹2,000 तक का हर पेमेंट: कोई MDR नहीं, चाहे दुकान बड़ी हो या छोटी। NPCI के अनुसार दुकानों को मिलने वाले 95% से ज़्यादा UPI पेमेंट इसी दायरे में आते हैं।
  • ₹2,000 से ज़्यादा: पेमेंट की रकम का 0.4%।
  • ₹75,000 और उससे ज़्यादा: हर पेमेंट पर अधिकतम ₹300, यानी ₹1 लाख या ₹5 लाख के पेमेंट पर भी ₹300।
  • रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और पेट्रोल पंप (और कुछ अन्य तय श्रेणियाँ): ₹2,000 से ऊपर हर पेमेंट पर सिर्फ़ ₹5, रकम कितनी भी हो। बिजली, पानी और पाइप वाली गैस के बिल भी इसी ₹5 वाली श्रेणी में हैं।
  • शेयर ब्रोकर, म्यूचुअल फ़ंड और निवेश प्लेटफ़ॉर्म: 0.02%, अधिकतम ₹300।
  • स्कूल-कॉलेज की फ़ीस: ₹2,000 तक कोई MDR नहीं। उससे ऊपर फ़्लैट या सीमित फ़ीस लगेगी, जिसकी रकम NPCI ने अभी नहीं बताई है।
  • छोटे दुकानदार (P2PM), जिन्हें UPI QR से महीने में ₹1 लाख तक मिलते हैं: कोई MDR नहीं, ₹2,000 से बड़े पेमेंट पर भी नहीं।
  • क्रेडिट कार्ड या क्रेडिट लाइन से UPI (जैसे UPI से जुड़ा RuPay क्रेडिट कार्ड): इस नियम से बाहर। इन पर क्रेडिट कार्ड और क्रेडिट वाले नियम लागू होते हैं।
  • UPI AutoPay और मैंडेट: कोई तय MDR नहीं।

यह चार्ज दुकानदार से उसका बैंक या पेमेंट कंपनी लेगी। ग्राहक को कुछ नहीं देना है, दो लोगों के बीच (P2P) पैसे भेजना मुफ़्त रहेगा, और NPCI के अनुसार UPI ऐप कोई प्लेटफ़ॉर्म फ़ीस नहीं ले सकते।

उदाहरण: किस पेमेंट पर कितना कटेगा

नीचे की तालिका में हर दर के हिसाब से एक पेमेंट पर लगने वाला MDR दिया गया है। रकम GST से पहले की है और यह मानकर है कि आपका बैंक NPCI की दरें ही लागू करेगा।

NPCI OC-237 के अनुसार हर पेमेंट पर MDR (GST अलग)
पेमेंट की रकमआम दुकान (0.4%, अधिकतम ₹300)₹5 वाले सेक्टरशेयर और म्यूचुअल फ़ंड (0.02%)छोटे दुकानदार (P2PM)
₹500₹0₹0₹0₹0
₹2,000₹0₹0₹0₹0
₹2,001₹8.00₹5₹0.40₹0
₹3,000₹12₹5₹0.60₹0
₹10,000₹40₹5₹2₹0
₹50,000₹200₹5₹10₹0
₹75,000₹300₹5₹15₹0
₹1,00,000₹300₹5₹20₹0
₹2,00,000₹300₹5₹40₹0

चार्ज हर पेमेंट पर अलग से लगता है, दिन की कुल बिक्री पर नहीं। ₹2,000 के पेमेंट पर कुछ नहीं कटेगा, लेकिन ₹2,001 के पेमेंट पर पूरी रकम का 0.4%, यानी करीब ₹8 कटेंगे। ₹75,000 से ऊपर चार्ज ₹300 पर रुक जाता है।

MDR एक बैंकिंग सेवा की फ़ीस है, इसलिए कार्ड MDR की तरह इस पर भी 18% GST लगने की उम्मीद रखें। NPCI के FAQ में GST की बात नहीं है, इसलिए अपने बैंक के बिल या सेटलमेंट स्टेटमेंट में देखें।

एक महीने का हिसाब: उदाहरण

मान लीजिए एक हार्डवेयर की दुकान को मर्चेंट अकाउंट पर महीने में UPI से ₹6 लाख मिलते हैं:

  • ₹2,000 तक के 1,800 पेमेंट, कुल ₹3,60,000: MDR ₹0।
  • ₹2,001 से ₹74,999 के बीच 50 पेमेंट, कुल ₹1,60,000: 0.4% = ₹640।
  • ₹80,000 का 1 पेमेंट: अधिकतम ₹300।
  • कुल MDR ₹940, उस पर 18% GST ₹169.20, यानी कुल ₹1,109.20, जो महीने की UPI बिक्री का लगभग 0.18% है।

यही ₹6 लाख क्रेडिट कार्ड से आते, तो NPCI के बताए 1.5% से 2.5% के हिसाब से GST से पहले ही ₹9,000 से ₹15,000 कटते। यानी UPI अब भी पैसा लेने का सबसे सस्ता डिजिटल तरीका है। ज़्यादा असर उन दुकानों पर होगा जिन्हें बड़े UPI पेमेंट ज़्यादा मिलते हैं, जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, फ़र्नीचर, ज्वेलरी और होलसेल। अपना हिसाब ZYRO MDR कैलकुलेटर में लगाएँ।

छोटे दुकानदारों के लिए ₹1 लाख वाली छूट (P2PM)

P2PM (पर्सन-टू-पर्सन-मर्चेंट) NPCI की वह श्रेणी है जिसमें छोटे दुकानदार UPI QR से पैसा सीधे अपने बैंक खाते में लेते हैं। ठेले, चाय की दुकान, छोटी किराना दुकान और घर से चलने वाले काम अक्सर इसी श्रेणी में आते हैं।

  • UPI QR से महीने में ₹1 लाख तक पाने वाले P2PM दुकानदार पर कोई MDR नहीं लगेगा, भले ही कोई एक पेमेंट ₹2,000 से बड़ा हो।
  • इस छूट के लिए GST रजिस्ट्रेशन ज़रूरी नहीं है। छूट महीने की कुल आमदनी और बैंक में आपके खाते की श्रेणी पर निर्भर करती है।
  • अगर लगातार 3 महीने तक हर महीने ₹1 लाख से ज़्यादा आते हैं, तो बैंक आपको सामान्य मर्चेंट (P2M) श्रेणी में डाल देगा, जहाँ ₹2,000 से ऊपर 0.4% या ₹5 लगेगा।
  • पुराना QR कोड और साउंडबॉक्स बदलने की ज़रूरत नहीं है। NPCI के अनुसार वे पहले की तरह चलते रहेंगे।

आप P2PM में हैं या P2M में, यह आपका बैंक या पेमेंट कंपनी तय करती है। पक्का पता न हो तो उनसे पूछें कि आपका QR किस श्रेणी में है और उस पर महीने की कौन सी सीमा लागू है।

MDR शुरू होने से पहले दुकानदार क्या करें

  • बैंक से पूछें कि आपका QR P2PM में है या P2M में, और उस पर कौन सा मर्चेंट कैटेगरी कोड (MCC) लगा है। MCC से ही तय होता है कि आपको 0.4% लगेगा, ₹5 लगेगा या शेयर बाज़ार वाली दर।
  • MCC गलत लगे तो बैंक से ठीक करवाएँ। NPCI ने गलत MCC से जुड़े विवाद सुलझाने के लिए अलग सर्कुलर OC 239 जारी किया है।
  • पिछले महीने का UPI स्टेटमेंट देखें और गिनें कि ₹2,000 से ऊपर के कितने पेमेंट आए। आपका खर्च इसी पर निर्भर करेगा।
  • ग्राहक के बिल में UPI चार्ज न जोड़ें। NPCI के अनुसार दुकानदार MDR का बोझ ग्राहक पर नहीं डाल सकते।
  • MDR लागू होने के बाद सेटलमेंट स्टेटमेंट देखें कि कटा हुआ MDR और GST ऊपर दी गई दरों से मेल खाता है या नहीं।
  • कार्ड मशीन के पास UPI QR और साउंडबॉक्स रखें। कार्ड के मुकाबले UPI अब भी काफ़ी सस्ता है।

UPI MDR और कार्ड MDR की तुलना

NPCI के FAQ के अनुसार क्रेडिट कार्ड पर MDR आम तौर पर 1.5% से 2.5% और डेबिट कार्ड पर अधिकतम 0.90% होता है। ₹300 की सीमा के साथ 0.4% वाला UPI इनसे काफ़ी सस्ता है, और ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर कोई MDR है ही नहीं।

  • ₹10,000 UPI से (आम दुकान): ₹40।
  • ₹10,000 डेबिट कार्ड से (अधिकतम 0.90%): ₹90 तक। RuPay डेबिट कार्ड पर MDR शून्य है।
  • ₹10,000 क्रेडिट कार्ड से (1.5% से 2.5%): ₹150 से ₹250।
  • ₹1 लाख UPI से: ₹300 (अधिकतम)। क्रेडिट कार्ड से: ₹1,500 से ₹2,500।

NPCI यह चार्ज क्यों ला रहा है

NPCI का कहना है कि MDR की रकम सिर्फ़ UPI सिस्टम के अंदर बाँटी जाएगी, ताकि सर्वर, धोखाधड़ी रोकने, साइबर सुरक्षा और ग्राहक सेवा पर खर्च हो सके। NPCI के अनुसार UPI चलाने का सालाना खर्च करीब ₹20,000 करोड़ है।

MDR का एक हिस्सा छोटे दुकानदारों के लिए अलग फ़ंड में जाएगा, जो टियर 3 से 6 शहरों, पूर्वोत्तर राज्यों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में UPI अपनाने में मदद करेगा। PM स्वनिधि और PM विश्वकर्मा जैसी योजनाएँ भी इसमें शामिल होंगी। NPCI के अनुसार इस फ़ंड का ढाँचा RBI के साथ मिलकर तीन महीने में तय होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या UPI पर MDR अभी लागू है?

नहीं। NPCI ने 15 अक्टूबर 2026 की तारीख टालकर इसे दिवाली के तुरंत बाद लागू करने की बात कही है, और तारीख अलग से बताई जाएगी। 20 अक्टूबर 2026 तक नई तारीख घोषित नहीं हुई है।

क्या ग्राहक को UPI पेमेंट पर चार्ज देना होगा?

नहीं। MDR दुकानदार अपने बैंक या पेमेंट कंपनी को देता है। ग्राहक के लिए UPI मुफ़्त रहेगा और UPI ऐप प्लेटफ़ॉर्म फ़ीस नहीं ले सकते।

ठीक ₹2,000 के पेमेंट पर चार्ज लगेगा?

नहीं। 0.4% सिर्फ़ ₹2,000 से ज़्यादा के पेमेंट पर है। ₹2,000 पर कुछ नहीं कटेगा, ₹2,001 पर करीब ₹8 कटेंगे।

क्या दुकानदार MDR ग्राहक के बिल में जोड़ सकते हैं?

नहीं। NPCI के FAQ के अनुसार दुकानदार MDR का बोझ ग्राहक पर नहीं डाल सकते।

मेरी छोटी दुकान है और QR मेरे नाम पर है। क्या चार्ज लगेगा?

अगर बैंक ने आपको P2PM श्रेणी में रखा है और UPI QR से महीने में ₹1 लाख तक आते हैं, तो कोई MDR नहीं लगेगा, ₹2,000 से बड़े पेमेंट पर भी नहीं। लगातार 3 महीने ₹1 लाख से ज़्यादा आने पर आप सामान्य मर्चेंट श्रेणी में चले जाएँगे।

क्या नया QR कोड या साउंडबॉक्स लेना पड़ेगा?

नहीं। NPCI के अनुसार मौजूदा QR कोड और साउंडबॉक्स बिना किसी बदलाव के चलते रहेंगे।

स्रोत

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